अन्य खबरें यहां पढ़ें

Tuesday, 8 September 2015

टॉप खबरें … चर्चा में .... प्रमुख खबरें .... ब्रेकिंग न्यूज .... हिन्दी खबरें


एनडीटीवी खबर स्टाफ
एनडीटीवी खबर स्टाफ
एनडीटीवी खबर स्टाफ
एनडीटीवी खबर स्टाफ
एनडीटीवी खबर स्टाफ
 

IBN Khabar Staff
IBN Khabar Staff
IBN Khabar Staff
IBN Khabar Staff
IBN Khabar Staff
 

ABP News स्टाफ
ABP News स्टाफ
ABP News स्टाफ
ABP News स्टाफ
ABP News स्टाफ
 

Surender Deshwal
Surender Deshwal
Surender Deshwal
Surender Deshwal
Surender Deshwal
 

जनसत्ता ऑनलाइन
जनसत्ता
जनसत्ता
जनसत्ता ब्यूरो
जनसत्ता
 

अमर उजाला स्टाफ
अमर उजाला स्टाफ
अमर उजाला स्टाफ
अमर उजाला स्टाफ
अमर उजाला स्टाफ
 

नवभारत टाइम्स स्टाफ
नवभारत टाइम्स स्टाफ
नवभारत टाइम्स स्टाफ
नवभारत टाइम्स स्टाफ
नवभारत टाइम्स स्टाफ
 

Zee News
Zee News
Zee News
Zee News
Zee News
 

Live हिन्दुस्तान स्टाफ
Live हिन्दुस्तान स्टाफ
Live हिन्दुस्तान स्टाफ
Live हिन्दुस्तान स्टाफ
Live हिन्दुस्तान स्टाफ
 
 
 
 
 
 
 
 
 

टॉप खबरें … चर्चा में .... प्रमुख खबरें .... ब्रेकिंग न्यूज .... हिन्दी खबरें

ABP News - 10 घंटे पहले
आज तक - 33 मिनट पहले
दैनिक भास्कर - 8 घंटे पहले
दैनिक जागरण - 40 मिनट पहले
आज तक - 10 घंटे पहले
Jansatta - 10 मिनट पहले
ABP News - 1 घंटा पहले
Zee News हिन्दी - 18 मिनट पहले
Jansatta - 13 मिनट पहले
ABP News - 14 घंटे पहले

Morning News Dispatch

Daily News & Analysis - 19 minutes ago
Hindustan Times - 57 minutes ago
Daily News & Analysis - 41 minutes ago
Times of India - 3 hours ago
New York Post - 20 minutes ago
IBNLive - 53 minutes ago
Business Today - 36 minutes ago
Daily News & Analysis - 42 minutes ago
Firstpost - 34 minutes ago
CNBC - 7 hours ago

इंद्राणी को अंदर करने वाले पुलिस अफसर को कमिश्नर पद से हटाया


प्रमोशन दी, लेकिन मेनस्ट्रीम से हटा दिया, डीजी होमगार्ड बनाया


मुंबई: देश के सबसे पेचीदा माने जा रहे शीना मर्डर केस मेें नामी-गिरामी हस्तियों को अंदर करने वाले मुंबई पुलिस कमिश्नर राकेश मारिया को महाराष्ट्र की भाजपा सरकार ने उनके पद से हटा दिया है। उन्हें डीजी होमगार्ड बना दिया गया है। अहमद जावेद को मुंबई का नया कमिश्नर बनाया गया है।
राकेश मारिया का कार्यकाल बतौर कमिश्नर 30 सितंबर तक था, लेकिन सरकार ने तीन सप्ताह पहले ही उनको पद से हटा दिया। पेचीदा केस में बड़े खुलासे करने वाले मारिया को प्रमोट करके पद से हटाने को लेकर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। सरकार अगर चाहती तो मारिया को डीजी पोस्ट पर प्रमोशन देकर भी मुंबई का कमिश्नर बनाए रख सकती थी। 
 

आरोपियों से खुद पूछताछ कर रहे थे मारिया

ये सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं क्योंकि शीना मर्डर केस में आरोपियों से मारिया खुद पूछताछ कर रहे थे। उन्होंने दावा किया था कि वह मुंबई कमिश्नर का कार्यकाल पूरा करने से पहले इस केस को सुलझा लेंगे। उन्होंने यह भी कहा था कि वे शीना को आरुषि नहीं बनने देंगे।

नाराज थे मुख्यमंत्री?

चर्चा है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस काे इस केस में मारिया की इतनी दिलचस्पी लेना रास नहीं आ रहा था। उनका मानना था कि पुलिस जितना ध्यान शीना मर्डर केस में लगा रही है, उसे उतना ही ध्यान दूसरे मामलों में देना चाहिए।

सरकार की सफाई – गणेशोत्सव तक रुकते तो देर हो जाती

मारिया का ट्रांसफर तत्काल प्रभाव से किया गया है। इस तबादले पर उठ रहे सवालों पर एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (होम) केपी बख्शी ने कहा, ''मारिया के तबादले में कोई जल्दबाजी नहीं बरती गई। गणेशोत्सव में सुरक्षा इंतजामों के मद्देनजर उनके ट्रांसफर में 30 पहले ही प्रमोशन करते हुए तबादले का फैसला किया।'' शीना मर्डर केस की जांच पर असर के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ''जांच निचले स्तर के पुलिस अफसर करते हैं, जिसका सुपरविजन कमिश्नर करते हैं। नए सीपी बेहद सक्षम हैं।''सितंबर तक रोकना सही नहीं होता। इसलिए हमने
राकेश मारिया की यह तस्वीर सामने आने के बाद काफी विवाद हुआ था। इसमें मारिया आईपीएल घोटाले के आरोपी ललित मोदी के साथ नजर आ रहे हैं।

विवादों में थे मारिया

आईपीएल में करोड़ों रुपए के घोटाले के आरोपी ललित मोदी और राकेश मारिया की लंदन में हुई मुलाकात की एक फोटो सामने आने के बाद काफी विवाद हुआ था। इसके बाद विपक्ष ने उनके इस्तीफे की मांग की थी। मारिया को इस मसले पर फड़णवीस को सफाई देनी पड़ी थी।

ये हैं राकेश मारिया

1981 बैच के आईपीएस अफसर राकेश मारिया ने डीसीपी ट्रैफिक रहते हुए 1993 के मुंबई धमाकों का केस सुलझाया था। बाद में उन्हें डीसीपी क्राइम और फिर ज्वाइंट सीपी क्राइम बनाया गया। मारिया ने 2003 में गेटवे ऑफ इंडिया और झवेरी बाजार में हुए धमाकों का केस भी सुलझाया। 26/11 के मुंबई हमले की जांच की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई थी। आतंकी अजमल कसाब से अहम जानकारियां उन्होंने ही उगलवाई थीं।




यह मंदी नहीं, निवेश का बेहतरीन मौका है - मोदी


- मंदी की आहट से सहमे उद्योगपतियों के साथ प्रधानमंत्री ने की बैठक



नई दिल्ली। पूरी दुनिया में आर्थिक मंदी की आहट और भारतीय उद्योगपतियों की शंकाअों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के बड़े कारोबारियों, बैंकर्स, मंत्रियों और अधिकारियों के साथ अहम बैठक की। प्रधानमंत्री निवास पर हुई इस बैठक में आर्थिक मंदी से निपटने की तैयारियों और इसमें भारत क्या भूमिका निभा सकता है, इस पर चर्चा हुई। बैठक में उद्योगपतियों ने जहां मंदी की आशंका से ब्याज दरें कम करने आैर बेहतर नीति बनाने की मांग की, वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह मंदी नहीं है, यह तो निवेश का बेहतरीन मौका है।

जल्द लागू हो जाएगा जीएसटी

बैठक में प्रधानमंत्री ने उद्योगपतियों को सलाह दी कि वे निवेश बढ़ाएं और जोखिम लेने से पीछे न हटें। यह हमारे लिए फायदा उठाने और निवेश करने का वक्त है। वहीं उद्योगों से संबंधित संगठनों ने कहा कि इस वक्त संपत्ति की कीमत बहुत ज्यादा है। उन्होंने ब्याज दरों के मुद्दे को उठाया। बैठक में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने उम्मीद जताई कि यह जल्द ही लागू हो जाएगा। बैठक में लैंड बिल पर कोई चर्चा नहीं हुई।

इसलिए बुलाई बैठक

चीन का उत्पादन कम होने के कारण जहां पूरी दुनिया मंदी के डर से सहमी हुई है, वहीं मोदी सरकार का मानना है कि चीन में मंदी भारत के लिए बहुत बड़ा अवसर है और हमें चूकना नहीं चाहिए । मोदी अपने मेक इन इंडिया मिशन के तहत चाहते हैं कि चीन की हल्की पड़ती अर्थव्यवस्था का फायदा भारत उठाए।

कौन-कौन आया

- रिलायंस इंडस्ट्री के चीफ मुकेश अंबानी
- टाटा ग्रुप के चेयरमैन सायरस मिस्त्री
- भारती एयरटेल के चीफ सुनील भारती मित्तल
- एस्सार ग्रुप के शशि रूईया
- रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी
- अडाणी ग्रुप के चीफ गौतम अडाणी
- रिजर्व बैंक के चेयरमैन रघुराम राजन
- नीति आयोग के वाइस चेयरमैन अरविंद पनगढिया
- सीआईआई के प्रेसिडेंट सुमित मजूमदार
- फिक्की प्रेसिडेंट ज्योत्सना सूरी
- ICICI बैंक की सीईओ चंदा कोचर
- एसबीआई चेयरमैन अरुंधती भट्टाचार्य।
- महिंद्र ग्रुप के चेयरमैन और एमडी आनंद महिंद्रा
- आदित्य बिरला ग्रुप के हेड कुमार मंगलम बिरला
- वित्तमंत्री अरुण जेटली, ट्रांसपोर्ट मंत्री नितिन गडकरी, ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल और तेल मंत्री धर्मेंद्र प्रधान

इस कारण मंदी से डर रहे हैं लोग

- उत्पादन में गिरावट के कारण चीन ने अपनी मुद्रा युआन की कीमत घटा दी है। यूरोप पहले ही मंदी की चपेट में आ चुका है, इस कारण दुनियाभर में मंदी की आशंका गहरा गई है।
- शेयर बाजार सोमवार को 15 महीने के निचले स्तर पर पहुंचा। सेंसेक्स 25 हजार से नीचे पहुंच गया है।
- रुपया सोमवार को डॉलर के मुकाबले दो साल पुराने निचले स्तर (66.82) पर जा पहुंचा।
- अप्रैल-जून तिमाही में भारत की GDP ग्रोथ 7 पर्सेंट रही। पिछले तिमाही में यह 7.5% थी।
- मूडीज ने 2015 के लिए इंडिया की GDP ग्रोथ का अनुमान घटाकर 7% किया।



एशिया के बड़े दानदाताअों में सात भारत के


फोर्ब्स मैगजीन ने जारी की सूची, इनमें भी इन्फोसिस के चार


मुम्बई – बिजनेस पत्रिका फोर्ब्स ने एशिया के सबसे बड़े दानदाताओं की सूची बनाई है, जिसमें 13 देशों के दानदाताओं को शामिल किया गया है। इस सूची में सात भारतीयों ने स्थान बनाया है। इनमें से चार लोग भारत की सबसे बडी आईटी कंपनी इन्फोसिस से जुड़े हैं।

सूची में जिस भारतीय का नाम सबसे पहले है, वह केरल में जन्मे उद्योगपति सनी वर्की हैं, जिन्होंने तीन महीने पहले अपने 2.25 अरब डॉलर का आधा हिस्सा दान में देने की घोषणा की थी। वह दुबई स्थित जीईएमएस कंपनी के संस्थापक हैं। कंपनी शिक्षा के क्षेत्र में है और 14 देशों में 70 निजी स्कूल चलाती है। इसके बाद इस सूची में आईटी कंपनी इन्फोसिस के तीन सह संस्थापकों सेनापथे गोपालकृष्णन, नंदन नीलेकणी और एसडी शिबूलाल को शामिल किया गया है। इन्फोसिस के एक और सह-संस्थापक एनआर नारायणमूर्ति के बेटे रोहन का नाम भी इसमें है, क्योंकि उन्होंने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस को 52 लाख डॉलर दान दिया है। रोहन ने यह दान प्राचीन भारतीय साहित्यिक कृतियों को बढावा देने के लिए दिया है। सूची में लंदन के उद्योगपति भाई- सुरेश रामकृष्णन और महेश रामकृष्णन के नाम भी शामिल हैं। इन दोनों भाइयों ने भारत में 4,000 से अधिक लोगों को सिलाई का प्रशिक्षण देने के लिए तीस लाख डालर का दान दिया। इससे लाभ पाने वालों में 2004 की सुनामी पीडित और समाज में दरकिनार कर दी गई महिलाएं प्रमुख हैं।


 

राहुल गांधी को कमान अभी नहीं


एक साल के लिए और बढ़ा सोनिया गांधी का कार्यकाल



नई दिल्ली - लोकसभा चुनावों में बुरी तरह पछाड़ खाने के बाद से उबरने की कोशिश कर रही कांग्रेस की कमान अभी राहुल गांधी को नहीं सौंपी जाएगी । कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने एक प्रस्ताव पास करके कांग्रेस की वर्तमान अध्यक्ष सोनिया गांधी का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया।
इस फैसले के साथ ही उन तमाम चर्चाअों को विराम मिल गया जिनके अनुसार कयास लगाए जा रहे थे कि राहुल गांधी को जल्द ही कांग्रेस अध्यक्ष बनाया जा सकता है ।

इसलिए रागा को कमान नहीं

कांग्रेस के सूत्रों का कहना है कि फरवरी से अप्रैल तक बिना पार्टी को बताए राहुल गांधी के रहस्यमय तरीके से विदेश चले जाने को पार्टी के पक्ष में नहीं माना गया। हालांकि वापस आने के बाद उन्होंने जैसे तेवर दिखाए, उसकी पार्टी नेताओं ने सराहना की, लेकिन फिर भी अध्यक्ष बनाने से पहले थोड़ा समय और देने का निर्णय लिया गया।

सोनिया का मोदी पर निशाना

एक बार फिर कांग्रेस अध्यक्ष बनते ही सोनिया गांधी ने वर्किंग कमेटी की बैठक में मोदी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह सरकार एक भी वादा पूरा नहीं कर पाई। भूमि अधिग्रहण संबंधित बिल पर कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन पर उन्होंने पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी और कार्यकर्ताओं की भूमिका की सराहना की और पार्टी के हर कार्यकर्ता से इसी तरह आक्रामक तेवरों के साथ काम करने की अपील की।

आम आदमी पस्त, महंगाई मस्त

सोनिया ने कहा कि मोदी सरकार में अर्थव्यवस्था नीचे की ओर जा रही है और चीजों के दाम लगातार बढ़ते जा रहे हैं। महंगाई मस्त है और आम आदमी पस्त हो गया है । उन्होंने आरोप लगाया कि ये सरकार मीडिया संस्थानों को भी नोटिसों और दबावों के माध्यम से डरा-धमका रही है।

आरएसएस चला रहा है सरकार – सोनिया

कार्यसमिति की बैठक में सोनिया गांधी ने कहा कि इस सरकार को आरएसएस चला रहा है। सरकार की नीति पाकिस्तान जैसे देश के लिए भी साफ नहीं है। उन्होंने मेक इन इंडिया पर भी निशाना साधा। कहा कि मोदी ने सपने दिखाए थे कि इस मिशन से लाखों नौकरियां मिलेंगी, लेकिन यह सपना भी झूठा निकला।

और खबरोंके लिए पढ़ते रहिए SirfKhabar.com